ऋषिकेश: उत्तराखंड के शांत पहाड़ों में पर्यटकों की बदतमीजी और गंदगी फैलाने की घटनाओं के बीच एक नया वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऋषिकेश-श्रीनगर मार्ग पर चलती बस से शराब की खाली बोतल फेंकना तीन युवकों को भारी पड़ गया। एक जागरूक राहगीर ने न सिर्फ बस रुकवाई, बल्कि बस के भीतर घुसकर हुड़दंगियों की जमकर क्लास लगाई।
क्या है पूरा मामला?
घटना ऋषिकेश से श्रीनगर की ओर जा रही एक यात्री बस की है। वायरल वीडियो के अनुसार, बस में सवार तीन युवक नशे की हालत में थे। उन्होंने चलती बस की खिड़की से शराब की कांच की बोतल बाहर सड़क पर फेंक दी। संयोग से उसी समय वहां से गुजर रहे एक स्थानीय व्यक्ति के पास वह बोतल गिरी। कांच की बोतल सड़क पर फूटने से बड़ा हादसा हो सकता था, जिससे वह व्यक्ति आगबबूला हो गया।
“यह उत्तराखंड है, तुम्हारे बाप का अड्डा नहीं”
गुस्साए व्यक्ति ने तुरंत बस को रुकवाया और सीधा बस के भीतर दाखिल हो गया। उसने उन युवकों को पकड़कर कड़ी फटकार लगाई। वीडियो में शख्स कहता सुनाई दे रहा है, “सुधर जाओ, ये उत्तराखंड है, तुम्हारे पिताजी का अड्डा नहीं है। ढंग से रह लो, वरना यहीं बंद करा दूंगा।”
शुरुआत में तीनों युवक बोतल फेंकने की बात से मुकरते नजर आए, लेकिन शख्स के कड़े तेवर देखकर बीच में बैठे युवक ने माफी मांगना ही मुनासिब समझा। शख्स ने उन्हें चेतावनी दी कि उनकी इस हरकत से किसी बाइक सवार का टायर फट सकता था या किसी पैदल यात्री को गंभीर चोट लग सकती थी।
सोशल मीडिया पर मिली सराहना
इस घटना का वीडियो ‘एक्स’ (Twitter) पर शिवा भट्ट नामक यूजर ने साझा किया है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं। इंटरनेट यूजर्स इस ‘पहाड़ी’ सबक की जमकर तारीफ कर रहे हैं।
- यूजर कमेंट्स: एक यूजर ने लिखा, “पहाड़ों में अब ऐसे ही तेवर की जरूरत है, तभी ये कचरा फैलाने वाले सुधरेंगे।” वहीं दूसरे ने कहा, “सड़क कोई डस्टबिन नहीं है, इन पर भारी जुर्माना होना चाहिए।”
क्यों खतरनाक है ऐसी हरकत?
- जानलेवा हादसा: कांच के टुकड़े टायर फटने का कारण बनते हैं, जिससे तेज रफ्तार वाहन अनियंत्रित हो सकते हैं।
- सार्वजनिक सुरक्षा: सार्वजनिक स्थान पर शराब पीना और कचरा फेंकना कानूनी अपराध है।
- पर्यावरण को नुकसान: पहाड़ों की पारिस्थितिकी के लिए कांच और प्लास्टिक बेहद हानिकारक हैं।
प्रशासन लगातार पर्यटकों से ‘अतिथि देवो भव:’ की मर्यादा बनाए रखने और देवभूमि की स्वच्छता का ध्यान रखने की अपील करता है, लेकिन ऐसी घटनाएं चिंता का विषय बनी हुई हैं।











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