गुवाहाटी: सोशल मीडिया पर इन दिनों असम का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने भारतीय नागरिकों के ‘सिविक सेंस’ (नागरिक बोध) पर एक नई बहस छेड़ दी है। यह वीडियो एक विदेशी पर्यटक और एक स्थानीय व्यक्ति के बीच हुई बातचीत का है, जिसमें स्वच्छता को लेकर दो बिल्कुल अलग नजरिए देखने को मिल रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक विदेशी पर्यटक असम की सड़कों पर घूम रहा है। समोसा खाने के बाद, उसके हाथ में कागज का एक टुकड़ा (रैपर) होता है जिसे वह कचरे के डिब्बे में फेंकना चाहता है। वह पास खड़े एक स्थानीय युवक से अंग्रेजी में पूछता है, “Where is the dustbin?” (कूड़ेदान कहाँ है?)।
हैरान करने वाली बात तब होती है जब स्थानीय युवक मुस्कुराते हुए जवाब देता है, “Everywhere dustbin” (यहाँ हर जगह कूड़ेदान है)। युवक का इशारा इस ओर था कि वह कहीं भी सड़क पर कूड़ा फेंक सकता है।
विदेशी पर्यटक ने पेश की मिसाल
स्थानीय युवक द्वारा कहीं भी कूड़ा फेंकने के सुझाव के बावजूद, विदेशी पर्यटक ने सड़क पर गंदगी नहीं फैलाई। उसने युवक की बात को अनसुना कर दिया और तब तक उस कागज को अपने हाथ में थामे रखा जब तक कि उसे असली कूड़ेदान नहीं मिल गया। अंत में उसने सही जगह पर ही कचरा फेंका।
सोशल मीडिया पर फूटा लोगों का गुस्सा
यह वीडियो इंस्टाग्राम हैंडल @paduhaki पर साझा किया गया है, जहाँ इसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं। कमेंट सेक्शन में लोग स्थानीय युवक की मानसिकता की कड़ी आलोचना कर रहे हैं।
- एक यूजर ने लिखा: “यही कारण है कि हमारे शहर साफ नहीं रह पाते। हमें अपनी इस ‘कहीं भी फेंक दो’ वाली सोच को बदलना होगा।”
- दूसरे यूजर का कहना था: “विदेशी मेहमान को सही रास्ता दिखाने के बजाय हम अपनी खराब आदतों का प्रदर्शन कर रहे हैं, यह शर्मनाक है।”
स्वच्छता और नागरिक जिम्मेदारी
यह घटना हमें याद दिलाती है कि ‘स्वच्छ भारत’ का सपना केवल सरकारी अभियानों से पूरा नहीं होगा। जब तक जमीनी स्तर पर लोग अपनी जिम्मेदारी नहीं समझेंगे और सार्वजनिक स्थानों को अपना घर नहीं मानेंगे, तब तक बदलाव मुश्किल है। विदेशी पर्यटक के इस छोटे से कदम ने सिखाया है कि अनुशासन और सही नागरिक बोध क्या होता है।











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