टीटीई की दरियादिली: ट्रेन में टॉयलेट के पास सो रहे थे CRPF जवान, टिकट चेक करने आए अधिकारी ने सीट देकर जीत लिया सबका दिल

नई दिल्ली: भारतीय रेलवे से आए दिन कई तरह के वीडियो सामने आते रहते हैं, लेकिन कुछ पल ऐसे होते हैं जो इंसानियत और वर्दी के प्रति सम्मान की एक नई मिसाल पेश करते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया पर एक ऐसा ही वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें एक टीटीई (TTE) ने फर्श पर सो रहे देश के जवानों के प्रति जो सम्मान दिखाया, उसने लाखों लोगों का दिल जीत लिया है।

क्या है पूरा मामला? यह घटना एक ट्रेन के स्लीपर कोच की है। सफर के दौरान दो सीआरपीएफ (CRPF) जवान, जिनके पास कंफर्म टिकट नहीं था, जगह की कमी के कारण कोच के गेट के पास टॉयलेट वाले रास्ते में फर्श पर सो रहे थे। तभी वहां ड्यूटी पर तैनात टीटीई गश्त करते हुए पहुंचे।

आमतौर पर बिना कंफर्म टिकट के यात्रियों को देखकर टीटीई जुर्माना लगाते हैं, लेकिन यहां मामला थोड़ा अलग था। टीटीई ने पहले जवानों को जगाया और उनसे उनकी पहचान पूछी। जवानों ने जैसे ही अपना आईडी कार्ड दिखाया, टीटीई का व्यवहार पूरी तरह बदल गया।

जुर्माने की जगह दी कंफर्म सीट जवानों की थकावट और देश के प्रति उनकी सेवा को देखते हुए टीटीई ने नियमों से ऊपर मानवता को रखा। उन्होंने जवानों को वहां से उठने को कहा और ट्रेन में खाली पड़ी बर्थ पर उन्हें कंफर्म सीट आवंटित कर दी। टीटीई के इस छोटे से लेकिन नेक कदम ने जवानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी। वे अपना सामान उठाकर सम्मान के साथ अपनी सीट की ओर चले गए।

सोशल मीडिया पर मिल रही है जमकर तारीफ इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) पर एडवोकेट शौर्य मिश्रा द्वारा साझा किया गया है। वीडियो वायरल होते ही यूजर्स टीटीई की ईमानदारी और देशभक्ति की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं।

एक यूजर ने लिखा, “भारतीय रेलवे में ऐसे लोगों को देखना सुखद है जो हमारे सैनिकों का सम्मान करना जानते हैं।” वहीं एक अन्य यूजर ने कहा, “नियम अपनी जगह हैं, लेकिन इंसानियत और देश की रक्षा करने वालों के प्रति यह सम्मान सर्वोपरि है।”

यह वीडियो हमें याद दिलाता है कि वर्दी में तैनात हर व्यक्ति, चाहे वह सीमा पर हो या ट्रेन में ड्यूटी कर रहा हो, एक-दूसरे के प्रति सम्मान भाव रखकर समाज में सकारात्मकता फैला सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *