18 लाख की नौकरी छोड़ बनीं ऑफिसर, अब बॉडी शेमिंग करने वाले ट्रोलर्स को अपनी काबिलियत से दिया करारा जवाब

मिर्ज़ापुर: सोशल मीडिया जहाँ सूचनाओं के आदान-प्रदान का एक सशक्त माध्यम है, वहीं कभी-कभी यह संकीर्ण मानसिकता का अखाड़ा भी बन जाता है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के मिर्ज़ापुर जिले का है, जहाँ की पुलिस अधीक्षक (SP) अपर्णा रजत कौशिक को उनकी शारीरिक बनावट को लेकर इंस्टाग्राम पर भद्दी टिप्पणियों और ‘बॉडी शेमिंग’ का सामना करना पड़ा।

क्या है पूरा मामला?

हाल ही में मिर्ज़ापुर पुलिस ने अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो साझा किया था। इस वीडियो में एसपी अपर्णा कौशिक एक अपराधी की गिरफ्तारी और पुलिस की सफलता के बारे में प्रेस को जानकारी दे रही थीं। हालांकि, वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोगों ने पुलिस की कार्रवाई पर चर्चा करने के बजाय अधिकारी के कद-काठी और शारीरिक बनावट पर अभद्र कमेंट्स करने शुरू कर दिए। देखते ही देखते ट्रोलर्स ने मर्यादा की सीमाएं लांघ दीं।

शानदार करियर की मिसाल हैं अपर्णा

ट्रोलर्स शायद इस बात से अनजान हैं कि जिस अधिकारी का वे मजाक उड़ा रहे हैं, उनका करियर ग्राफ और समर्पण किसी के लिए भी प्रेरणा बन सकता है। अपर्णा रजत कौशिक 2014 बैच की एक काबिल आईपीएस (IPS) अधिकारी हैं।

पुलिस सेवा में आने से पहले वह कॉर्पोरेट जगत का हिस्सा थीं, जहाँ उनका सालाना पैकेज लगभग 18 लाख रुपये था। एक आरामदायक और मोटी कमाई वाली निजी नौकरी को छोड़कर उन्होंने देश सेवा का कठिन रास्ता चुना और संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा पास कर आईपीएस बनीं।

ट्रोलर्स को मिला करारा जवाब

सोशल मीडिया पर इस घटना के बाद अपर्णा के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग उतर आए हैं। बुद्धिजीवियों और सोशल मीडिया यूजर्स का कहना है कि एक महिला अधिकारी की पहचान उनकी बुद्धिमत्ता, उनके द्वारा किए गए साहसी कार्यों और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की क्षमता से होनी चाहिए, न कि उनकी शारीरिक बनावट से।

उत्तर प्रदेश कैडर की इस तेजतर्रार अधिकारी की कहानी यह सिखाती है कि सफलता बाहरी रंग-रूप की मोहताज नहीं होती। अपर्णा कौशिक का जीवन उन सभी लोगों के लिए एक कड़ा जवाब है जो काबिलियत को शारीरिक मापदंडों से तौलने की भूल करते हैं।

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