वाराणसी: गंगा की लहरों पर इफ्तार पार्टी करना पड़ा भारी, वीडियो वायरल होने के बाद 14 युवक गिरफ्तार

वाराणसी: धर्म की नगरी काशी में गंगा नदी के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी करने और नदी में गंदगी फैलाने के आरोप में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद, वाराणसी पुलिस ने मदनपुरा इलाके के 14 मुस्लिम युवकों को गिरफ्तार किया है। इन पर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और पवित्र नदी को प्रदूषित करने के गंभीर आरोप लगे हैं।

क्या है पूरा मामला?

घटना 15 मार्च के आसपास की बताई जा रही है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित हुआ, जिसमें 15-20 युवक एक बड़ी नाव पर बैठकर इफ्तारी करते नजर आ रहे थे। वीडियो में देखा जा सकता था कि युवक नाव पर बिरयानी और अन्य खाद्य पदार्थ खा रहे हैं।

शिकायतकर्ता और हिंदू संगठनों का आरोप है कि इन युवकों ने न केवल पवित्र गंगा नदी के बीच में मांसाहार (नॉन-वेज) का सेवन किया, बल्कि खाने के अवशेष, हड्डियाँ और अन्य कूड़ा-कचरा भी सीधे गंगा नदी में प्रवाहित कर दिया।

हिंदू संगठनों ने जताई कड़ी आपत्ति

वीडियो सामने आते ही वाराणसी के हिंदू संगठनों और भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। भाजयुमो कार्यकर्ता रजत जायसवाल ने कोतवाली थाने में इस संबंध में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई। हिंदू संगठनों का कहना है कि गंगा करोड़ों लोगों के लिए केवल एक नदी नहीं, बल्कि ‘मां’ और आस्था का सर्वोच्च केंद्र है। ऐसी पवित्र जगह पर मांसाहार करना और गंदगी फैलाना सनातन धर्म का अपमान है।

पुलिस की कार्रवाई और धाराएं

एसीपी (कोतवाली) विजय प्रताप ने बताया कि तहरीर के आधार पर पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की। वीडियो बनाने और उसे सोशल मीडिया पर अपलोड करने वाले मुख्य आरोपी तहसीम सहित कुल 14 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। ये सभी आरोपी वाराणसी के मदनपुरा क्षेत्र के निवासी हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है:

  • धारा 298 और 299: धार्मिक भावनाओं को आहत करने के संबंध में।
  • धारा 270 और 279: संक्रमण फैलाने और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे में डालने के संबंध में।
  • धारा 296 (1B): धार्मिक उपासना में बाधा या अपमान से संबंधित।

अन्य आरोपियों की तलाश जारी

पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि गंगा की पवित्रता और शहर के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की अनुमति किसी को नहीं दी जाएगी। पुलिस वीडियो में दिख रहे अन्य युवकों की पहचान करने की कोशिश कर रही है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां संभव हैं।

वाराणसी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर संयम बरतें और किसी भी ऐसी गतिविधि से बचें जिससे किसी की धार्मिक आस्था को चोट पहुँचती हो।

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