नई दिल्ली: क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ब्लिंकिट (Blinkit) एक बार फिर विवादों में है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक कथित डिलीवरी बॉय को ग्राहक के ऑर्डर के पैकेट से बेरीज (काले जामुन) निकालकर खाते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया है। इस घटना ने ऑनलाइन फूड और ग्रोसरी डिलीवरी की सुरक्षा और स्वच्छता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
क्या है पूरा मामला?
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति, जिसे डिलीवरी एजेंट बताया जा रहा है, ग्राहक के सामान के साथ खुलेआम छेड़छाड़ कर रहा है। वह पैकेट से बेरीज निकालकर बड़े आराम से खा रहा है। जब वहां मौजूद एक शख्स ने उसका वीडियो बनाना शुरू किया और उससे पूछताछ की, तो उसने अपना नाम बताने से इनकार कर दिया।
हैरानी की बात यह है कि जब वीडियो बनाने वाले व्यक्ति ने पास के ब्लिंकिट स्टोर में जाकर इसकी शिकायत की और पूछा, “क्या आपके डिलीवरी बॉय ग्राहकों का सामान इसी तरह खाते हैं?”, तो स्टोर कर्मचारियों की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।

सोशल मीडिया पर ‘क्वालिटी चेक’ का मजाक
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर @x_sanki_ नाम के यूजर द्वारा शेयर किया गया है, जिसे अब तक लाखों लोग देख चुके हैं। वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोग अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
- एक यूजर ने तंज कसते हुए लिखा, “शायद यह डिलीवरी से पहले सामान का ‘क्वालिटी चेक’ कर रहा है।”
- वहीं, एक अन्य यूजर ने गुस्से में कहा, “हम इन कंपनियों पर भरोसा करके खाना मंगवाते हैं और यह सेहत के साथ खिलवाड़ है।”
- ज्यादातर लोगों ने ब्लिंकिट से इस एजेंट के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
कुछ अनसुलझे सवाल
हालांकि, लेख में यह भी संकेत दिया गया है कि वीडियो में दिख रहे व्यक्ति ने ब्लिंकिट की आधिकारिक यूनिफॉर्म नहीं पहनी थी और न ही उसके पास कोई पहचान पत्र (ID card) स्पष्ट रूप से दिख रहा था। वह किसी दूसरे व्यक्ति के पास रखे ऑर्डर से सामान खा रहा था। ऐसे में सोशल मीडिया पर लोग मांग कर रहे हैं कि कंपनी स्थिति स्पष्ट करे कि क्या वह शख्स वास्तव में उनका कर्मचारी है या नहीं।
डिलीवरी कंपनियों के भरोसे पर चोट
यह पहली बार नहीं है जब किसी डिलीवरी एजेंट की ऐसी हरकत सामने आई है। इससे पहले भी कई कंपनियों के डिलीवरी पार्टनर्स को रास्ते में खाना खाते या पैकेट के साथ छेड़छाड़ करते पकड़ा गया है। ब्लिंकिट जैसे प्लेटफॉर्म्स के लिए यह घटना एक बड़ी चुनौती है, क्योंकि उनकी पूरी सर्विस ‘भरोसे’ और ‘हाइजीन’ पर टिकी होती है।
फिलहाल, इस मामले पर ब्लिंकिट की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।









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