नई दिल्ली: भारतीय सिनेमा के इतिहास में ऐसी कई क्लासिक फिल्में और गाने हैं, जिनकी कहानी पर्दे के पीछे भी उतनी ही दिलचस्प है। ऐसी ही एक कहानी है 1960 में रिलीज़ हुई महान फिल्म ‘मुगल-ए-आजम’ के आइकोनिक गाने ‘प्यार किया तो डरना क्या’ की। हाल ही में इस गाने से जुड़े कुछ हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं, जो बताते हैं कि यह गाना आज भी क्यों इतना खास है।
₹100 करोड़ की लागत और भव्य सेट
‘प्यार किया तो डरना क्या’ को न सिर्फ़ एक बेहतरीन धुन के लिए जाना जाता है, बल्कि यह हिंदी सिनेमा के इतिहास के सबसे महंगे गानों में से एक माना जाता है।
बताया जाता है कि इस 6 मिनट 16 सेकंड लंबे गीत को बनाने में उस दौर में लगभग ₹1 करोड़ खर्च हुए थे। मुद्रास्फीति के हिसाब से आज के समय में यह लागत लगभग ₹100 करोड़ के बराबर है। गाने की भव्यता के लिए बनाए गए ‘शीश महल’ के सेट पर ही मेकर्स ने उस समय ₹15 लाख की भारी भरकम राशि खर्च की थी।
रिकॉर्डिंग का अनोखा तरीका: बाथरूम में हुई थी रिकॉर्डिंग
गाने से जुड़ा सबसे चौंकाने वाला तथ्य इसके रिकॉर्डिंग के तरीके से संबंधित है। ‘स्वर कोकिला’ लता मंगेशकर द्वारा गाए गए इस गीत को किसी अत्याधुनिक स्टूडियो में नहीं, बल्कि बाथरूम में रिकॉर्ड किया गया था।
दरअसल, संगीतकार नौशाद गाने में एक खास तरह का ‘इको इफ़ेक्ट’ (गूंज) चाहते थे। उस समय स्टूडियो में ऐसे प्रभाव पैदा करने की तकनीकी सुविधाएँ सीमित थीं, इसलिए गाने में आवश्यक गहराई और गूंज लाने के लिए एक बाथरूम की प्राकृतिक ध्वनिकी (acoustics) का इस्तेमाल किया गया।
दो साल की मेहनत और 106 टेक
यह गाना सिर्फ़ महंगा या अनोखा नहीं था, बल्कि इसे बनाने में जबरदस्त मेहनत भी लगी थी।
- इस गीत को फाइनल करने में पूरे दो साल का समय लगा था।
- संगीतकार नौशाद ने इसे अंतिम रूप देने से पहले 105 विभिन्न धुनों को अस्वीकार कर दिया था।
- लता मंगेशकर ने गाने के लिए 106 बार रिकॉर्डिंग की, तब जाकर इसे अंतिम रूप दिया गया।
इसके अलावा, फिल्म की मुख्य अभिनेत्री मधुबाला, जिन पर यह गीत फ़िल्माया गया था, उन्होंने भी उस दौर में अपनी फीस के तौर पर ₹1 लाख लिए थे, जो उस समय एक बहुत बड़ी रकम मानी जाती थी। ‘प्यार किया तो डरना क्या’ आज भी बॉलीवुड के सबसे बेहतरीन और ऐतिहासिक गीतों में से एक है।










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