कराची/मुंबई: अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम और कराची के खूंखार गैंगस्टर रहमान डकैत (Sardar Abdul Rehman Baloch) की दशकों पुरानी दुश्मनी को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। फिल्म ‘धुरंधर’ के बाद चर्चा में आए रहमान डकैत की क्रूरता के किस्से अब सामने आ रहे हैं, जिनमें एक वाकया ऐसा भी है जब दाऊद इब्राहिम को अपने छोटे भाई नूरा (नूरा इब्राहिम) की जान की भीख मांगनी पड़ी थी।

जमीन विवाद से शुरू हुई अदावत
यह घटना लगभग 2009 के आस-पास की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, दाऊद इब्राहिम ने कराची के एक बड़े व्यवसायी को धमकी दी थी। वह व्यवसायी रहमान डकैत का रिश्तेदार था। डॉन, जबरन उस व्यवसायी की करोड़ों रुपये की जमीन मात्र 12 करोड़ रुपये में हड़पना चाहता था, जबकि जमीन की असली कीमत 400 करोड़ रुपये बताई जाती थी।
‘छोटे गुंडे’ को मिला जवाब

जब व्यवसायी ने रहमान डकैत को यह बात बताई, तो रहमान ने सीधे दाऊद इब्राहिम को फोन मिलाया और मामले से पीछे हटने को कहा। लेकिन ‘इंटरनेशनल डॉन’ दाऊद ने रहमान को हल्के में लेते हुए उसे ‘ल्यारी का छोटा सा गुंडा’ कहकर गाली दी और धमकी दी।
इस अपमान से रहमान भड़क उठा। उसने फैसला किया कि वह दाऊद को अपनी ‘औकात’ दिखाएगा।
एक रात और दर्दनाक बदला

अपमान का बदला लेने के लिए, रहमान डकैत ने उसी रात अपनी गाड़ियां निकालीं और भरे बाजार से दाऊद के छोटे भाई नूरा को अगवा कर लिया।
- रहमान नूरा को एक फार्महाउस पर ले गया।
- नूरा को बांधा गया और उसके शरीर पर जलती सिगरेट से चटके लगाए गए, जिससे नूरा दर्द से चीख पड़ा।
- रहमान ने फोन पर इंटरनेशनल डॉन दाऊद को अपने भाई की चीखें सुनवाईं।
- अपने भाई की दर्दनाक हालत सुनकर दाऊद की ‘घिग्घी बंध’ गई और वह रहमान से गिड़गिड़ाने लगा। दाऊद ने तुरंत जमीन का विवाद छोड़ने की पेशकश की और नूरा को छोड़ने की मिन्नतें कीं।
“अब बहुत देर हो गई…”
दाऊद की मिन्नतों पर रहमान ने जवाब दिया, “अब तो देर हो गई इंटरनेशनल डॉन। ये मांडवाली तो पहले करनी चाहिए थी।” रहमान डकैत ने दाऊद की एक न सुनी और नूरा को ‘कसाईनुमा मौत’ दी, जैसा कि फिल्म ‘धुरंधर’ में उसका एक मशहूर डायलॉग है। कुछ दिनों बाद नूरा इब्राहिम की लाश कराची के क्लिफ्टन इलाके में मिली थी।
गैंगस्टर का अंत
जुर्म की दुनिया में बेखौफ रहने वाला रहमान बलोच खुद भी अंततः 2009 में कराची पुलिस के साथ एक एनकाउंटर में मारा गया। यह घटना बताती है कि जुर्म की दुनिया में भी वर्चस्व की लड़ाई किस हद तक खूनी हो सकती है, जहां भारत का सबसे वांछित अपराधी भी एक स्थानीय गैंगस्टर के सामने बेबस हो गया था।










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