राधिका आप्टे को धुरंधर मूवी से लगी मिर्ची , कहा मैं अपने बच्चो को ऐसी जगह नहीं पालना चाहती जहा ऐसी मूवी हिट होती हो

मुंबई: अपनी संजीदा अदाकारी के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री राधिका आप्टे ने हाल ही में बॉक्स ऑफिस पर सफल हो रही कुछ फिल्मों में अत्यधिक हिंसा के चित्रण पर गहरी चिंता व्यक्त की है। हालांकि उन्होंने किसी फिल्म का सीधे नाम नहीं लिया, लेकिन उनकी टिप्पणियों को व्यापक रूप से हालिया ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ (Dhurandhar) जैसी फिल्मों की ओर इशारा माना जा रहा है, जो अपनी इंटेंस एक्शन और हिंसा के लिए जानी जाती है।

राधिका ने खुले तौर पर कहा कि वह “मनोरंजन के तौर पर बेची जा रही ग्राफिक हिंसा” के चलन से “बहुत परेशान” हैं। उन्होंने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि यह देखकर दुख होता है कि इस तरह की सामग्री सफल हो रही है, और वह ऐसे माहौल में बच्चे का पालन-पोषण नहीं करना चाहतीं जहाँ हिंसा को मनोरंजन के रूप में बढ़ावा दिया जाए।

उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब ‘धुरंधर’ जैसी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर रही हैं। फिल्म में दिखाए गए अत्यधिक एक्शन और हिंसक दृश्यों को लेकर दर्शकों और आलोचकों के बीच काफी चर्चा रही है। राधिका की आलोचना मुख्य रूप से ऐसी सामग्री की प्रवृत्ति पर केंद्रित है जो सफल हो रही है, न कि फिल्म की सफलता या उसके कलाकारों पर। यह सिनेमाई सामग्री और सामाजिक मूल्यों पर एक व्यापक बहस को जन्म देती है।

राधिका आप्टे की कुछ फिल्में जिनमें हिंसा का चित्रण है:

यह जानना दिलचस्प है कि राधिका आप्टे ने भी अपने करियर में ऐसी कई फिल्मों में काम किया है जिनमें हिंसा का चित्रण है। हालांकि, उनकी भूमिकाएं और इन फिल्मों में हिंसा का संदर्भ अक्सर कहानी के लिए महत्वपूर्ण होता है और इसे अक्सर एक गंभीर या यथार्थवादी तरीके से प्रस्तुत किया जाता है, न कि केवल मनोरंजन के लिए।

  1. बदलापुर (Badlapur, 2015): इस फिल्म में राधिका आप्टे की एक छोटी लेकिन महत्वपूर्ण भूमिका थी। यह फिल्म बदले की एक डार्क कहानी है जिसमें काफी हिंसा और खून-खराबा दिखाया गया है। हालांकि, फिल्म में हिंसा को पात्रों के मानसिक और भावनात्मक सफर के हिस्से के रूप में दर्शाया गया है।
  2. फोबिया (Phobia, 2016): यह एक मनोवैज्ञानिक थ्रिलर फिल्म है जिसमें राधिका ने मुख्य भूमिका निभाई थी। फिल्म में मुख्य किरदार को एक traumatic event के बाद फोबिया हो जाता है, जिसमें हिंसा का एक तत्व शामिल था।
  3. घोल (Ghoul, 2018): यह एक हॉरर-थ्रिलर वेब सीरीज है जिसमें सैन्य हिरासत केंद्र में होने वाली भयानक घटनाओं और यातनाओं को दर्शाया गया है। इसमें हिंसा का चित्रण कहानी के एक डरावने और भयावह पहलू के रूप में किया गया है।
  4. लस्ट स्टोरीज (Lust Stories, 2018): हालांकि यह सीधे तौर पर एक हिंसक फिल्म नहीं है, राधिका वाले सेगमेंट में एक महिला के यौन शोषण और उसके बाद के परिणामों को दर्शाया गया है, जिसमें भावनात्मक और कभी-कभी शारीरिक हिंसा के निहितार्थ भी होते हैं।
  1. रात अकेली है (Raat Akeli Hai, 2020): यह एक मर्डर मिस्ट्री है जहाँ एक हत्या की जांच की जाती है। फिल्म में अपराध और उसके इर्द-गिर्द की हिंसा एक केंद्रीय विषय है।

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