‘महाभारत’ के भीम: एक्टिंग से पहले देश के लिए लाए थे गोल्ड मेडल, दो बार किया ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व

नई दिल्ली: अभिनेता और पूर्व एथलीट प्रवीण कुमार सोबती, जिन्हें बीआर चोपड़ा के क्लासिक टेलीविजन शो ‘महाभारत’ में भीम के किरदार के लिए जाना जाता है, का जीवन पर्दे की प्रसिद्धि से कहीं अधिक रहा है। अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले, प्रवीण कुमार सोबती एक प्रतिष्ठित खिलाड़ी थे जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत के लिए कई पदक जीते।

खेलों में शानदार करियर:

6 दिसंबर 1947 को पंजाब में जन्मे प्रवीण कुमार सोबती की शुरुआत सीमा सुरक्षा बल (BSF) में हुई थी, जहां उन्हें खेलों में भाग लेने का मौका मिला। उन्होंने डिस्कस थ्रो और हैमर थ्रो में विशेषज्ञता हासिल की और 1960 और 70 के दशक में भारतीय एथलेटिक्स में अपना नाम स्थापित किया।

उनके प्रमुख खेल उपलब्धियां इस प्रकार हैं:

  • एशियाई खेल: उन्होंने 1966 के एशियाई खेलों में डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक और हैमर थ्रो में कांस्य पदक जीता। इसके बाद, 1970 के एशियाई खेलों में उन्होंने एक बार फिर स्वर्ण पदक हासिल किया। 1974 के एशियाई खेलों में उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
  • राष्ट्रमंडल खेल: 1966 के राष्ट्रमंडल खेलों में उन्होंने भारत के लिए रजत पदक जीता था।
  • ओलंपिक: उन्होंने दो बार—1968 (मेक्सिको) और 1972 (म्यूनिख)—ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • सम्मान: एथलेटिक्स में उनके असाधारण योगदान के लिए, भारत सरकार ने उन्हें 1967 में अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित किया था।

अभिनय की दुनिया में प्रवेश:

खेलों से संन्यास लेने के बाद, प्रवीण कुमार सोबती ने सुर्खियों में बने रहने की इच्छा से अभिनय को अपना करियर चुना। उन्हें जबरदस्त प्रसिद्धि बीआर चोपड़ा की ‘महाभारत’ (1988) में शक्तिशाली ‘भीम’ के किरदार से मिली, जिससे वह भारतीय टेलीविजन के इतिहास में अमर हो गए।

‘महाभारत’ के अलावा, उन्होंने फिल्मों और अन्य टेलीविजन शो में भी काम किया। वह अमिताभ बच्चन अभिनीत फिल्म ‘शहंशाह’ में भी दिखाई दिए थे, और बच्चों के लोकप्रिय शो ‘चाचा चौधरी’ में ‘साबू’ का किरदार निभाने के लिए भी उन्हें याद किया जाता है।

7 फरवरी 2022 को दिल का दौरा पड़ने के कारण इस महान अभिनेता और एथलीट का निधन हो गया। उन्हें आज भी भारतीय एथलेटिक्स के महानतम खिलाड़ियों में से एक और भारतीय टेलीविजन के सबसे यादगार ‘भीम’ के रूप में याद किया जाता है।

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