धर्मेंद्र से शादी के बाद हेमा मालिनी ने झेला जीवन का सबसे बुरा दौर, 1 करोड़ का कर्ज चुकाने के लिए करनी पड़ीं B-ग्रेड फिल्में

मुंबई: बॉलीवुड की ‘ड्रीम गर्ल’ हेमा मालिनी ने अपने शानदार फिल्मी करियर के दौरान एक बेहद मुश्किल और आर्थिक तंगी भरे दौर का सामना किया था। इस बात का खुलासा राम कमल मुखर्जी द्वारा लिखित उनकी बायोग्राफी ‘Hema Malini: Beyond The Dream Girl’ में किया गया है, जिसके अनुसार उन्हें 1 करोड़ रुपये का भारी-भरकम सरकारी टैक्स चुकाने के लिए मजबूरन B-ग्रेड फिल्में तक करनी पड़ी थीं।

रिपोर्ट के मुताबिक, 1980 में धर्मेंद्र से शादी के बाद, हेमा मालिनी ने लगभग 10 साल तक यह “सबसे बुरा दौर” झेला। 80 के दशक की शुरुआत में उन्हें पता चला कि उन पर सरकार का 1 करोड़ रुपये का टैक्स बकाया है, जिसे उन्हें तुरंत चुकाना था। उस समय के हिसाब से यह रकम बहुत बड़ी थी और उन्हें गंभीर वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा।

पति धर्मेंद्र की मदद लेने से किया इनकार

किताब में हेमा मालिनी ने बताया कि उनके पिता लगातार उनकी मां (जया चक्रवर्ती) को टैक्स चुकाने की याद दिलाते थे, लेकिन मां की ‘लापरवाही’ के कारण यह बकाया बढ़ता चला गया। पिता के निधन के बाद ही उन्हें इस कर्ज की असल गंभीरता का पता चला।

सबसे खास बात यह है कि इस मुश्किल वक्त में उनके पति धर्मेंद्र ने मदद की पेशकश की थी, लेकिन हेमा मालिनी ने आत्मनिर्भरता दिखाते हुए किसी भी तरह की मदद लेने से इनकार कर दिया।

10 साल तक करनी पड़ीं B-ग्रेड फिल्में

कर्ज चुकाने के लिए हेमा मालिनी को जल्द से जल्द बड़ी रकम की जरूरत थी। चूंकि बड़े बैनर उस वक्त उन्हें काम देने को तैयार नहीं थे, इसलिए उन्हें मजबूरी में ऐसी फिल्में स्वीकार करनी पड़ीं, जिन्हें B-ग्रेड माना जाता था। उन्होंने अपनी बायोग्राफी में लिखा है, “यह मेरी जिंदगी का सबसे बुरा दौर था, जो 10 साल तक रहा। मुझे अपना कर्ज चुकाना था और इन फिल्मों के अलावा मेरे पास कोई विकल्प नहीं था।”

हेमा मालिनी की जीवनी और उनसे जुड़ी ख़बरों में जिन फिल्मों का उल्लेख किया गया है, जिन्हें उन्होंने अपने क़र्ज़ को चुकाने के लिए मजबूरी में किया था, वे निम्नलिखित हैं:

  • रामकली (Ramkali) – 1985: यह वह फिल्म है जिसका ज़िक्र सबसे अधिक किया जाता है। इसे अक्सर एक बी-ग्रेड फिल्म के रूप में संदर्भित किया जाता है जिसे हेमा मालिनी ने अपनी छवि की परवाह न करते हुए, आर्थिक तंगी के कारण साइन किया था। इस फिल्म में उनका डबल रोल था।
  • दुर्गा (Durga) – 1985
  • सीतापुर की गीता (Sitapur Ki Geeta) – 1987
  • अंजाम (Anjaam) – 1987
  • जमाई राजा (Jamai Raja) – 1990

उनकी बेटी ईशा देओल ने भी एक बार बताया था कि जब उन्होंने अपनी मां को ऐसी फिल्में करते देखा तो सवाल किया था। तब हेमा मालिनी ने ईशा और अहाना को अपनी इस आर्थिक मजबूरी के बारे में बताया था।

इस तरह, बॉलीवुड की सबसे सफल अभिनेत्रियों में से एक को भी अपनी निजी जिंदगी में इतना बड़ा वित्तीय संघर्ष करना पड़ा था।

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