भोपाल: मध्य प्रदेश के एक युवा जोड़े, ऋषभ राजपूत और सोनाली चौकसे, ने अपनी 11 साल की प्रेम कहानी को शादी के बंधन में बांधकर एक नई शुरुआत की। लेकिन उनकी खुशी उस वक्त फीकी पड़ गई जब सोशल मीडिया पर उनकी शादी की तस्वीरों को लेकर दूल्हे के सांवले रंग पर रंगभेदी ट्रोलिंग शुरू हो गई। यूजर्स ने दुल्हन की पसंद पर सवाल उठाए और उनके रिश्ते को पैसे या सरकारी नौकरी से जोड़कर तुच्छ बनाने की कोशिश की।
💔 सांवले रंग पर भद्दी टिप्पणियां
कॉलेज के दिनों से एक-दूसरे के साथ रहे ऋषभ और सोनाली को ‘गोरी दुल्हन और सांवला दूल्हा’ कहकर निशाना बनाया गया। ट्रोल्स ने कमेंट किया कि ‘ऐसा लड़का कैसे पसंद आ गया?’ और ‘शायद पैसे या स्टेटस की वजह से शादी की होगी’। यह ट्रोलिंग केवल एक जोड़े पर व्यक्तिगत हमला नहीं थी, बल्कि समाज में गहरे पैठे रंगभेद की सोच को दर्शाती थी।
🤵 ऋषभ राजपूत का शालीन और करारा जवाब
लोगों की संकीर्ण मानसिकता पर ऋषभ चुप नहीं बैठे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक लंबा और अत्यंत शालीन पोस्ट साझा किया, जिसने सभी नफरत भरे कमेंट्स को खारिज कर दिया।
ऋषभ ने अपनी पोस्ट में लिखा:
“मैं कोई सरकारी नौकरी नहीं करता। मैं अपने परिवार के बिजनेस में काम करता हूं। सोनाली ने मुझसे उस वक्त प्यार किया जब मेरे पास कुछ भी नहीं था। कॉलेज से लेकर आज तक वह हर अच्छे-बुरे वक्त में मेरे साथ खड़ी रही। लोगों की नेगेटिव राय मेरे लिए कोई मायने नहीं रखती। मैंने पूरी जिंदगी रंगभेद का सामना किया है। मेरा रंग सांवला है, ये मुझे अच्छी तरह पता है।”
उन्होंने अपनी बात समाप्त करते हुए कहा कि उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण उनकी पत्नी की खुशी है: “लेकिन मेरी पत्नी की नजर में मैं सबसे अच्छा पति बनने की कोशिश कर रहा हूं।”
✨ सच्चा प्यार है सबसे ऊपर
ऋषभ का यह जवाब न केवल ट्रोल्स के लिए एक करारा तमाचा है, बल्कि उन सभी लोगों के लिए एक मजबूत संदेश भी है जो प्यार को बाहरी दिखावे या भौतिक संपत्ति से आंकते हैं। यह जोड़ा, जिसने 2014 में ही अपनी शादी को ‘मैनिफेस्ट’ किया था, आज सच्चे प्यार, विश्वास और रिश्ते में आत्मविश्वास की मिसाल बन गया है।
यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया जहां लोगों को जोड़ता है, वहीं संकीर्ण मानसिकता वाले लोग खुशियों के क्षणों को भी रंगभेद की आग में झोंकने की कोशिश करते हैं। ऋषभ और सोनाली ने यह साबित किया कि प्यार का रंग इन सब से ऊपर होता है।










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