नई दिल्ली: बॉलीवुड की चकाचौंध भरी दुनिया से दूर, मन की शांति की तलाश में कुछ सितारे अध्यात्म का रास्ता चुन लेते हैं। ऐसी ही एक कहानी है 90 के दशक की मॉडल और एक्ट्रेस बरखा मदान की, जिन्होंने अपना सफल करियर छोड़कर संन्यास ले लिया। एक समय में वह मिस वर्ल्ड ऐश्वर्या राय की कंपटीटर मानी जाती थीं, लेकिन आज वह एक बौद्ध भिक्षुणी (Buddhist Monk) बनकर जीवन गुजार रही हैं।

मिस इंडिया से बॉलीवुड तक का सफर

बरखा मदान ने अपने करियर की शुरुआत मॉडलिंग से की थी। वह साल 1994 के प्रतिष्ठित फेमिना मिस इंडिया पेजेंट में हिस्सा लेने वाली प्रतियोगियों में से एक थीं। इस प्रतियोगिता में सुष्मिता सेन ने जीत हासिल की थी, जबकि ऐश्वर्या राय फर्स्ट रनर-अप थीं। बरखा मदान को मिस इंडिया टूरिज्म का खिताब मिला था।

मॉडलिंग में पहचान बनाने के बाद, उन्होंने बॉलीवुड की ओर रुख किया और अक्षय कुमार अभिनीत फिल्म ‘खिलाड़ियों का खिलाड़ी’ (1996) से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा। अपनी खूबसूरती और एक्टिंग टैलेंट की वजह से उन्हें इंडस्ट्री में काफी पसंद किया गया।

करियर के शिखर पर लिया संन्यास
जब बरखा मदान का करियर रफ्तार पकड़ रहा था, तब उन्होंने साल 2012 में एक चौंकाने वाला फैसला लिया। उन्होंने अचानक एक्टिंग और फिल्म इंडस्ट्री छोड़ने की घोषणा कर दी और आध्यात्मिकता की राह चुनी।

बरखा ने लामा जोपा रिनपोछे की देखरेख में बौद्ध भिक्षुणी के तौर पर दीक्षा ली। संन्यास लेने के बाद उन्होंने अपना नाम बदलकर वेन. ग्याल्टेन समतेन (Ven. Gyalten Samten) रख लिया।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बरखा ने बताया था कि जब उन्होंने यह फैसला लिया तो उनके माता-पिता ने भी उनका पूरा समर्थन किया था। बरखा मदान उर्फ वेन. ग्याल्टेन समतेन अब तिब्बत के सेरा जे मठ में शांतिपूर्ण जीवन व्यतीत कर रही हैं। उनका यह कदम यह साबित करता है कि कुछ लोगों के लिए जीवन में मन की शांति, शोहरत और दौलत से कहीं ज्यादा मायने रखती है।










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