कंगना रनौत की टिप्पणी: आगरा की विशेष अदालत ने राष्ट्रद्रोह मामले में याचिका स्वीकार की

अभिनेत्री कंगना रनौत के लिए कानूनी मुश्किलें बढ़ गई हैं। किसान आंदोलन के संबंध में उनकी विवादास्पद टिप्पणियों को लेकर आगरा की एक विशेष न्यायाधीश (MP-MLA कोर्ट) ने उनके खिलाफ राष्ट्रद्रोह (Sedition) का मामला दर्ज करने की मांग वाली एक याचिका स्वीकार कर ली है।

विशेष न्यायाधीश ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए याचिका को सुनवाई के लिए मंजूर किया। याचिकाकर्ता के वकीलों ने तर्क दिया कि अवर न्यायालय द्वारा वाद को खारिज किया जाना न्यायसंगत नहीं था।

क्या है मामला?

स्थानीय वकील रमाशंकर शर्मा ने कंगना रनौत के खिलाफ 11 सितंबर को यह याचिका दायर की थी। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एक मीडिया इंटरव्यू के दौरान कंगना ने किसान आंदोलन को लेकर आपत्तिजनक बयान दिए थे।

  • कंगना ने कथित तौर पर कहा था कि किसान आंदोलन के दौरान ‘रेप और मर्डर’ जैसी घटनाएँ हुई थीं।
  • उन्होंने यह भी टिप्पणी की थी कि अगर तीनों कृषि कानूनों की वापसी नहीं होती, तो लंबी प्लानिंग थी और देश में ‘बांग्लादेश जैसे हालात’ बन सकते थे।

राष्ट्रद्रोह का आरोप

याचिकाकर्ता वकील ने आरोप लगाया कि कंगना की टिप्पणियों ने लाखों किसानों पर अभद्र टिप्पणी की है और उनकी भावनाओं को आहत किया है। वकील शर्मा ने तर्क दिया कि कंगना ने देश के किसानों के साथ-साथ राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, क्रांतिकारी शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान किया है, जो कि संविधान के अधिकार और कर्तव्य का उल्लंघन है।

विशेष न्यायाधीश के इस फैसले के बाद, अब मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही शुरू होगी।

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